लखनऊ , फरवरी 12 -- राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक और पूर्व राज्य मंत्री सुनील भराला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में संगम स्नान के दौरान हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ पुलिस द्वारा बल प्रयोग एवं बटुकों के साथ मारपीट की कथित घटना का इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में लगातार प्रसारण हुआ। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिससे सनातन धर्मावलंबियों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। भराला ने कहा कि इस प्रकरण से हिंदू समाज और भाजपा समर्थकों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी है। साथ ही राष्ट्रीय परशुराम परिषद के कुछ सदस्यों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पूरे घटनाक्रम की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। पत्र की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।
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