नयी दिल्ली , मई 05 -- भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा है कि संकटकालीन ऋण सहायता पर गारंटी की नयी योजना- ईसीएलजीएस 5.0 की स्वीकृति सरकार का एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है, जो पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न बढ़ते आर्थिक दबावों से भारतीय उद्योग को सुरक्षा प्रदान करेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई इस बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गयी। सीआईआई महानिदेशक श्री बनर्जी ने कहा, 'हम इस बात की सराहना करते हैं कि यह योजना वित्त मंत्रालय को सीआईआई द्वारा दी गई विशिष्ट सिफारिश को दर्शाती है, जो उद्योग की चिंताओं के प्रति सरकार की निरंतर संवेदनशीलता को दिखाती है।'इस योजना में सरकार ने कुल 2.55 लाख करोड़ के नये कर्जों के लिए गारंटी की सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा है जिससे बैंकों को संकट के इस दौर में नकदीय प्रवाह के संकट का सामना कर रही व्यावसायिक इकाइयों को कर्ज सहायता देने में आसानी होगी। स्वीकृत योजना के तहत एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और एयरलाइन कंपनियों सहित गैर-एमएसएमई क्षेत्रों को दिये जाने वाले कर्ज पर 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज देने का प्रावधान है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते जहां उस क्षेत्र के साथ व्यापार की लागत और कठिनाइयां बढ़ गयी है वहां एयरलाइनों को ईंधन महंगा होने से लेकर उड़ानों को रद्द करने के कारण वित्तीय संकटों से जूझना पड़ रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित