गाँधीनगर , दिसंबर 11 -- देश के सबसे अमीर उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों के योगदान को रेखांकित करते हुए गुरुवार को कहा कि जिन देशों के विश्वविद्यालय श्रेष्ठ स्तर के होते हैं वही देश दुनिया का नेतृत्व करते हैं।
श्री अंबानी यहां पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय (पीडीईयू) के 13वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। वह इसके संचालन मंडल के अध्यक्ष हैं। जानेमाने उद्योगपति और टॉरेंट के प्रमुख सुधीर मेहता समारोह के मुख्य अतिथि थे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख ने अमेरिका, उससे पहले यूरोप और जापान तथा अब चीन का उदाहरण देते हुए कहा , ' जो देश विज्ञान और तकनीक में मजबूत होते हैं, वही आर्थिक महाशक्ति बनते हैं और दुनिया में वही राष्ट्र नेतृत्व करते हैं जिनके विश्वविद्यालय विश्वस्तर पर श्रेष्ठ होते हैं।'श्री अंबानी ने कहा , 'अब बारी भारत की है - और हमें सभी से बेहतर करना है।" उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई ऊर्जा, परमाणु विखंडन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी , जैव प्रौद्योगिकी और जीवन-विज्ञान जैसे क्षेत्रों में दुनिया में चल रही तीव्र प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए कहा "इस वैश्विक दौड़ में - "जो जीता वही सिकंदर।"उन्होंने नयी दुनिया में इस होड़ में भारत के भविष्य को लेकर उत्साह जताते हुए कहा , " प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में -भारत जीतेगा,भारत आगे बढ़ेगा,भारत दुनिया को बदलेगा, और सबसे बढ़कर - मेरी अगली पीढ़ी - आप - भारत को बदलेंगे।"उन्होंने कहा कि पीडीईयू ग्रीन एनर्जी, ग्रीन मैटेरियल्स और ग्रीन इकोनॉमी में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में परिवर्तित होने के लिए तैयार है क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है देशभक्त युवाओं की ऊर्जा, और भारत युवा देश है।
श्री अंबानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, ' आज जब आप स्नातक हो रहे हैं, भारत अपने विकास पथ के एक गौरवपूर्ण दौर से गुजर रहा है। जहाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था 2.5 प्रतिशत से कम की गति से बढ़ रही है, वहीं भारत लगभग 8% की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जहाँ दुनिया में अनिश्चितता है, वहीं भारत में आत्मविश्वास और उम्मीद की लहर है। एक दशक पहले भारत "वाइब्रेंट गुजरात" की बात कर रहा था। आज पूरी दुनिया "वाइब्रेंट इंडिया" की बात कर रही है।"बावजूद इसके उन्होंने यह भी कहा कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने कुछ नई चुनौतियाँ भी पैदा की हैं और भारत को महत्वपूर्ण तकनीकों और उद्योगों में आत्मनिर्भर बनना होगा।
उन्होंने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन ने पिछले दस वर्षों में इस विश्वविद्यालय के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये का योगदान दिया है और भविष्य में भी इसकी मदद जारी रखेगा। उन्होंने कहा, ''आपके चेहरों पर जो खुशी है, वह आपकी मेहनत, चुनौतियों, दोस्तियों और सपनों की कहानी कह रही है। आप न्यू इंडिया की आत्मविश्वासी और अजेय भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं।''उन्होंने विद्यार्थियों को 145 करोड़ भारतीयों के उज्ज्वल भविष्य की राह को रोशन करने वाला वर्ग समूह बताते हुए कहा कि 'हमारे शिक्षकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूँ - वे इस विश्वविद्यालय की असली नींव हैं।"उन्होंने जिज्ञासा , साहस . धैर्य और दृढ़ता कृतज्ञता भाव को विद्यार्थियों का असली दोस्त बताते हुए कहा कि इन चार दोस्तों को के साथ चल कर वे अपनी जीवनयात्रा सार्थक , अपनी उपलब्धियों को अर्थपूर्ण तथा जीवन को सुंदर बना सकते हैं।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए श्री अंबानी ने कहा कि इसका जन्म दो हजार के दशक के शुरू में वर्तमान प्रधानमंत्री और तब के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से हुआ। आज यह राष्ट्रीय संस्थाओं के रैंकिंग सूचकांक - एनआईआरएफ-2025 के नवाचार श्रेणी में शीर्ष 50 में शामिल हैं। और इसके अध्यापक मंडल में के सदस्य स्टैनफोर्ड ग्लोबल सूची में विश्व के अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल हैं। इस विश्वविद्यालय ने सैकड़ों प्रभावशाली शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और सौ से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं।
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