अमृतसर , जनवरी 31 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने श्री दरबार साहिब से दो लोगों को हिरासत में लेने की पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पुलिस की मनमानी और व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप बताया है।
एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने शनिवार को यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन करने आते हैं। प्रशासकों को बिना सूचना दिए किसी को हिरासत में लेना पुलिस की कार्रवाई अनुचित और श्रद्धालुओं की भावनाओं के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब सिख संगत का आस्था केंद्र है, जहां पुलिस को इस तरह की हरकतें करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पुलिस कार्रवाई के बारे में शिरोमणि कमेटी या श्री दरबार साहिब के प्रबंधन को कोई सूचना नहीं दी गई थी। अगर किसी व्यक्ति को किसी आरोप में हिरासत में लेने की जरूरत थी, तो शिरोमणि कमेटी से संपर्क किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के संबंध में एक प्रशासनिक जांच की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट कार्यकारी समिति को सौंपी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कल तरनतारन अपराध जांच एजेंसी स्टाफ पुलिस टीम ने परिक्रमा से दो युवकों को हिरासत में लिया था। पुलिस की इस गुप्त कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की टास्क फोर्स ने दो पुलिस कर्मचारियों को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया था। टास्क फोर्स ने कब्जे में लिए गए दोनों पुलिस कर्मचारियों को पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा।
शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि श्री हरिमंदिर साहिब में देश-विदेश से श्रद्धालु श्रद्धा से आते हैं, अगर पुलिस को किसी मामले में किसी व्यक्ति की तलाश या गिरफ्तारी करनी हो तो उसकी जानकारी पहले शिरोमणि कमेटी के साथ सांझा करना अनिवार्य है। कार्रवाई के दौरान तरनतारन पुलिस ने न तो शिरोमणि कमेटी को भरोसे में लिया और न ही स्थानीय पुलिस को।
शिरोमणि कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वह हमेशा कानून का सहयोग करती है लेकिन बिना पूछताछ या बिना बताए किसी को भी पवित्र स्थान से इस तरह उठाकर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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