गोधरा , दिसंबर 20 -- गुजरात में पंचमहाल जिले के विंझोल स्थित श्री गोविंद गुरु विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल आचार्य देवव्रत की उपस्थिति में शनिवार को आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न संकायों के 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त लगभग 140 विद्यार्थियों को डॉक्टरेट (पीएचडी.) की उपाधि भी प्रदान की गई।

श्री देवव्रत ने इस अवसर पर भारत की स्वतंत्रता में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक श्री गुरु गोविंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि श्री उन्होंने आदिवासी समाज में प्रचलित कुरीतियों को दूर कर समाज सुधार का कार्य किया और युवाओं के लिए प्रेरक भूमिका निभाई।

गोल्डमेडल विजेताओं सहित सभी डिग्रीधारक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले शिक्षकों तथा अपने सपनों को त्याग कर बच्चों की शिक्षा हेतु समर्पित माता-पिता के त्याग को गर्वपूर्वक स्मरण किया।

राज्यपाल ने तैत्तीरीय उपनिषद के उपदेशों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से सत्य, धर्म और शिक्षा के पालन द्वारा ज्ञान के प्रसार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्य प्रकाश की भांति अंधकार को दूर करता है तथा सत्यनिष्ठ जीवन भय और तनाव से मुक्त रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि वह शुभ कर्म, विवेक और बुद्धि-कौशल के माध्यम से अर्जित ज्ञान का उपयोग 'स्व' के विकास के साथ-साथ समाज और मानव जाति के कल्याण के लिए करें।

राज्य स्तरीय उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री त्रिकमभाई छांगा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगारोन्मुख साक्षरता प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में अमूल्य योगदान देना है। उन्होंने राज्य में सकारात्मक वातावरण निर्माण में मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह डिग्रीधारक युवा आने वाले समृद्ध भारत की नींव सिद्ध होंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति हरिभाई कटारिया ने स्वागत सम्बोधन करते हुए विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की भौतिक सुविधाओं तथा शैक्षणिक, शोध, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर गौरव बढ़ाने वाले प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जानकारी दी। इसके पश्चात कुलसचिव डॉ. अनिल सोलंकी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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