वाराणसी , मई 03 -- धार्मिक नगरी काशी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में एप के माध्यम से मंगला आरती की बुकिंग को लेकर लागू की गई नई व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय से विश्वनाथ मंदिर तक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पदयात्रा कर पहुंचना था, लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर सभी कार्यकर्ताओं को कार्यालय के बाहर ही रोक दिया गया। मंदिर न्यास के उप जिलाधिकारी शंभू शरण को कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम से घबराए प्रशासन ने कल देर रात से कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, युवा नेताओं, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। अनेक कार्यकर्ताओं को घर से बाहर निकलने से रोका गया, जबकि कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर कांग्रेसजनों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मैदागिन स्थित महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने बाबा विश्वनाथ के जयकारों, 'लोकतंत्र बचाओ', 'आस्था पर हमला बंद करो' तथा 'काशीवासियों के अधिकार बहाल करो' जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में जैसे ही कांग्रेसजन पदयात्रा के लिए कार्यालय से बाहर निकले और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर बढ़ने लगे, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान कुछ समय तक तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जारी रखा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगो में मंगला आरती टिकट बुकिंग पर एक बार दर्शन के बाद 90 दिन की समय सीमा तय करने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए। यह निर्णय श्रद्धालुओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रतिबंध है। मंगला आरती कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्तों की गहरी आध्यात्मिक भावना से जुड़ी परंपरा है।
काशीवासियों के लिए सुगम दर्शन हेतु निर्धारित प्रवेश द्वार और समय सीमा बढ़ाई जाए। स्थानीय लोगों को अपने आराध्य के दर्शन के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऐप आधारित दर्शन व्यवस्था समाप्त कर पूर्व की भांति सरल, सहज और सर्वसुलभ दर्शन व्यवस्था लागू की जाए। डिजिटल माध्यमों के कारण आम, गरीब, बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी से वंचित श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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