नयी दिल्ली , दिसंबर 29 -- श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को होने वाले आखिरी और पांचवें टी-20 मुकाबले में भारतीय महिला टीम क्लीन स्वीप करन साल का सफल समापन करने उतरेगी। वहीं श्रीलंका के पास इस मैच में जीत दर्ज आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर होगा।

भारत इस पूरी सीरीज में क्लिनिकल रहा है। उन्हें किस्मत का भी साथ मिला, क्योंकि उन्होंने पहले तीन टॉस जीते। भारत ने तीनों मैचों में श्रीलंका को 130 से कम के स्कोर पर रोकते हुए और कम से कम पांच ओवर और सात विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल करते हुए अपना दबदबा बनाया। श्रीलंका कल होने वाले इस मुकाबले में जीत दर्ज करने के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की चुनौती को पार करना होगा। इस भारतीय जोड़ी ने किसी भी विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी की और मेजबानों का सर्वोच्च टी-20 स्कोर खड़ा किया। भारत को इस सीरीज में अब तक केवल पांच बल्लेबाजो का ही इस्तेमाल करना पड़ा है। चाहे वे लक्ष्य तय करें या उसका पीछा करें, श्रीलंका रविवार को हसिनी परेरा की शुरुआत से प्रेरणा लेगा, जिसमें उन्होंने शुरुआती ओवरों में रेणुका सिंह और अरुंधति रेड्डी पर आक्रामक प्रहार किया। इससे पहले कि नीलाक्षी डी सिल्वा ने लोअर ऑर्डर में आख़िरकार कुछ रन जोड़े।

श्रीलंका चाहेगा कि भारतीय क्षेत्ररक्षकों से मिलने वाले किसी भी जीवनदान का फायदा उठाया जाए, क्योंकि इस सीरीज में भारतीय क्षेत्ररक्षक मामले में कमजोर दिखे है। पहले मैच में उन्होंने पांच कैच छोड़े और चौथे मैच में दो जो दोनों टीमों के बीच के फासले को कम करने में मेहमानों की मदद कर सकता है।

श्रीलंका बल्लेबाजी में ओपनिंग में कप्तान चामरी अटापट्टू और हिसनी पेररा से बड़ी साझेदारी की उम्मीद करेगा। रविवार को हुए मुकाबले में इस जोड़ी ने अच्छी साझेदारी कर टीम को जीत की उम्मीद जगाई थी लेकिन बाद के बल्लेबाज उसे भुना नहीं सके।

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