कोलंबो , फरवरी 03 -- श्रीलंका ने शनिवार से शुरू हो रहे टी20 विश्व कप के लिए अपने 15 सदस्यीय दल में कामिंडु मेंडिस को वापस बुलाया है और वह धनंजय डीसिल्वा की जगह लेंगे। 23 वर्षीय बल्लेबाज पवन रत्नायके को टीम में जगह मिली है, लेकिन तेज गेंदबाज़ प्रमोद मदुशन के लिए कोई जगह नहीं है।
सबसे बड़ी चर्चा का विषय कामिंडु की वापसी है, जो पिछले महीने पाकिस्तान के ख़िलाफ टी20 सीरीज में शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे और इंग्लैंड के ख़िलाफ चल रही टी20 सीरीज से पहले उन्हें बाहर कर दिया गया था। लेकिन अब वह वापस आ गए हैं, जबकि इंग्लैंड और पाकिस्तान के ख़िलाफ हालिया टी20 पारियों में रन गति बढ़ाने में नाकाम रहने के बाद धनंजय को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
ख़ुद कामिंडु भी हाल के महीनों में बेहतरीन फ़ॉर्म में नहीं रहे हैं। 2025 की शुरुआत से उन्होंने इस फ़ॉर्मेट में सिर्फ़ 159 रन बनाए हैं, जहां उनका औसत 19.87 का रहा है। हालांकि इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 130.32 रहा है, जो थोड़ी उम्मीद जरूर देता है। गेंद के साथ धनंजय की उपयोगिता को उनकी शुरुआती चयन की वजह माना गया था, लेकिन दोनों हाथों से गेंदबाज़ी करने वाले कामिंडु भी यह भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि 2025 की शुरुआत से उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ़ छह ओवर ही डाले हैं।
इससे बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर दुनित वेल्लालगे के लिए भी अंतिम एकादश में जगह बनाने की संभावना खुल गई है, लेकिन 23 वर्षीय खिलाड़ी के अनुभव की कमी उसके ख़िलाफ जाती है। वह वनडे टीम में कुछ हद तक नियमित रहे हैं, लेकिन 2024 में डेब्यू के बाद से उन्होंने सिर्फ़ छह टी20 खेले हैं। इसमें तीन मैचों में ही उनकी बल्लेबाज़ी आई है और गेंदबाज़ी में उनके नाम सात विकेट हैं। हालांकि फ़्रेचाइज़ी और घरेलू क्रिकेट में उनका अनुभव कहीं ज़्यादा है। उन्होंने पिछले साल पार्ल रॉयल्स के लिए एसए 20 खेला और नवंबर में राइजिंग स्टार्स एशिया कप में श्रीलंका ए की कप्तानी की।
हालांकि उनके करियर के टी20 और वनडे स्ट्राइक रेट क्रमशः 106.14 और 84.20 यह संकेत देते हैं कि उनका चयन ज़्यादातर संभावनाओं के आधार पर है, और शायद इंग्लैंड के ख़िलाफ हालिया वनडे पारियों का भी इस पर असर रहा है।
संभावनाओं पर आधारित एक और चयन रत्नायके का है, जिन्होंने नवंबर में पाकिस्तान में टी20 डेब्यू किया था, लेकिन घरेलू सीरीज के लिए उन्हें बाहर कर दिया गया था। हालांकि इंग्लैंड के ख़िलाफ तीसरे वनडे में उनके शतक ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें टी20 टीम में वापस बुलाया गया और अब विश्व कप टीम में भी उनको जगह मिल गई। 25 टी 20 पारियों में 100.00 का स्ट्राइक रेट रत्नायके की पावर-हिटिंग क्षमता को पूरी तरह नहीं दर्शाता। वह लिस्ट ए क्रिकेट में 92.82 की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं और स्पिन के ख़िलाफ़ आक्रामक खेलने की क्षमता दिखा चुके हैं।
गेंदबाज़ी के मोर्चे पर श्रीलंका की चिंता कम है। दुष्मंता चमीरा, मतीशा पतिराना और इशान मलिंगा के रूप में उनके पास पारी के हर चरण के लिए असरदार तेज गेंदबाज़ हैं। इसी वजह से प्रमोद मदुशन और नुवान तुषारा को बाहर करना समझ में आता है। तुषारा पिछले एक साल में श्रीलंका की योजनाओं का अहम हिस्सा रहे थे, लेकिन 2025 के आख़िरी दौर में उनकी फ़ॉर्म गिर गई थी।
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