चेन्नई , मार्च 12 -- तमिलनाडु के दो मछुआरों को गुरुवार सुबह श्रीलंकाई नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर उनके क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

रामानाथापुरम जिले के रामेश्वरम द्वीप स्थित थंगाचिमडम के रहने वाले ये मछुआरे कच्चातिवू के पास गहरे समुद्र में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंका की नौसेना के जवानों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कच्चातिवू एक छोटा द्वीप है जिसे 1974 में एक समझौते के तहत श्रीलंका को सौंप दिया गया था। गिरफ्तार किये गये मछुआरों की पहचान जे. मिनिट्टो रायप्पन (26) और आर. सुमंतन (29) के रूप में हुई है। श्रीलंकाई नौसेना ने उनकी मछली पकड़ने की नाव को भी जब्त कर लिया।

बाद में नौसेना के जवान उन्हें और उनकी मछली पकड़ने की नाव को श्रीलंका के तलैमन्नार ले गए। रोजी-रोटी के लिए पूरी तरह समुद्र पर निर्भर मछुआरों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों से मछुआरों के समुदाय में काफी रोष और दुख है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विभिन्न मछुआरा संघों ने श्रीलंका की नौसेना के बार-बार भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी करने की निंदा करते हुए एक दिन की हड़ताल की थी और समुद्र में नहीं गए थे। उन्होंने मछुआरों को तुरंत रिहा करने की मांग की और केंद्र व तमिलनाडु सरकार से इस दिशा में जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया।

पाक जलडमरूमध्य में लंबे समय से चल रहे इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए की गई अपीलों के बावजूद, श्रीलंकाई नौसेना बार-बार तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी कर रही है और ऐसी बढ़ती घटनाओं ने मछुआरों के परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

गिरफ्तारी की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य में दशकों से रह रहे श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों की कानूनी अनिश्चितता को खत्म करने और उन्हें नागरिकता या लंबी अवधि का वीजा देने पर विचार करने का आग्रह किया है।

श्री स्टालिन ने बार-बार केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राजनयिक माध्यमों से मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करने और दोनों देशों के बीच मछुआरों के संयुक्त कार्य समूह की बैठक बुलाने की मांग की है।

नए साल के पहले सत्र के उद्घाटन के दिन विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन में भी इसी बात को दोहराया गया था। विभिन्न मछुआरा संघों ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है और सरकारों से उनकी आजीविका बचाने व पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में उनके पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों को बहाल करने के लिए स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से कच्चातिवू द्वीप को वापस लेने की भी मांग की है और कहा है कि यही मछुआरों के अधिकारों को बहाल करने का एकमात्र स्थायी तरीका है। राज्य विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए जा चुके हैं।

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