श्रीगंगानगर , दिसम्बर 26 -- राजस्थान में संविदा नर्सेज संघर्ष समिति के समर्थन में और नर्सिंग भर्ती को मेरिट और संविदा अवधि के अनुभव के आधार पर कराये जाने की मांग को लेकर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के आह्वान पर श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार को नर्स ने विरोध प्रदर्शन किया।

नर्स ने अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर काम किया। यह प्रदर्शन राज्य स्तर पर चल रही नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ है। विभाग अब मेरिट-बोनस आधारित भर्ती को परीक्षा-आधारित बनाने की तैयारी कर रहा है।

एसोसिएशन के प्रवक्ता रामजीलाल सिहाग ने बताया कि राजस्थान में सैकड़ों युवा नर्स संविदा और निविदा के आधार पर मात्र सात हजार रुपये प्रति महीने के न्यूनतम मानदेय पर काम कर रहे हैं। ये नर्स आम नागरिकों को अपनी नर्सिंग सेवाएं प्रदान करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य की अनिश्चितता ने उन्हें इस आंदोलन की ओर धकेल दिया है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2013 से नर्सिंग भर्ती मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर की जा रही है। अब विभाग द्वारा भर्ती नियमों में संशोधन करके परीक्षा-आधारित प्रक्रिया अपनाने की योजना से राज्य के सेवारत और संविदा कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है। सिहाग ने कहा कि राज्य सरकार को पहले संविदा और निविदा पर कार्यरत नर्सेज को नियमित पदों पर नियुक्त करके उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहिए। उसके बाद ही संविदा नर्सिंग भर्ती पर रोक लगाते हुए भर्ती नियमों में कोई संशोधन किया जाना चाहिए।

एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्याम गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सिहाग और जिलाध्यक्ष रवीन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि मेरिट और बोनस आधारित भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन आज श्रीगंगानगर में जिला कलेक्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से भेजा गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित