श्रीगंगानगर , जनवरी 16 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में एक उन बहादुर व्यक्तियों और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया, जिन्होंने मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी की शाम को पदमपुर-जैतसर मार्ग पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में घायल छह व्यक्तियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस घटना में ग्रीन कॉरिडोर की त्वरित व्यवस्था करके घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकीं। डा दुहन ने इस कार्य की सफलता को सम्मिलित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए सभी को बधाई दी।
घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने बताया कि 14 जनवरी की शाम पदमपुर-जैतसर मार्ग पर चक 37 आरबी के पास एक सम्पर्क मार्ग पर एक कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में से एक महिला, कुलविंदरकौर निवासी गांव सादिक जिला फरीदकोट पंजाब की पदमपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शेष छह घायलों, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ घायलों को सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी जान को खतरा था।
घायलों को सुरक्षित और तेजी से पहुंचाने के लिए पदमपुर से श्रीगंगानगर तक करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस कॉरिडोर में केवल दो एंबुलेंसों को ही गुजरने की अनुमति दी गई, जबकि बाकी सभी यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया। सामान्य रूप से इस दूरी को तय करने में 50 से 60 मिनट लगते हैं, लेकिन ग्रीन कॉरिडोर की बदौलत एंबुलेंस मात्र 25 मिनट में जिला अस्पताल पहुंच गईं। इस त्वरित कार्रवाई से छह बेशकीमती जानें बचाई जा सकीं। वर्तमान में चार घायल अभी भी श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दो को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
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