श्रीगंगानगर , मार्च 26 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीकरणपुर क्षेत्र के पैट्रोल पंपों पर पैट्रोल की किल्लत नजर आने लगी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कम से कम दो पैट्रोल पंप पूरी तरह सूखे हो गए हैं, जबकि कई पंप संचालक मोटर साइकिल चालकों को सीमित मात्रा में ही पैट्रोल दे रहे है। कई जगहों पर मात्र 100 रुपये का पेट्रोल ही भरा जा रहा है। डीजल का वितरण भी केवल जरूरत के हिसाब से किया जा रहा है।

भारत पेट्रोलियम के कुछ पंपों पर स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। स्थानीय पंप संचालकों का कहना है कि आपूर्ति में रुकावट के कारण ऐसा हो रहा है। हालांकि एक अन्य पेट्रोल पंप के संचालक ने दावा किया कि पैट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने कहा-पीछे से लगातार आपूर्ति हो रही है, कोई बड़ी समस्या नहीं है।

यह स्थिति इजरायल-ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों से आने वाली पेट्रोलियम आपूर्ति पर पड़ रहे असर को दर्शाती है। युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ने और कुछ तेल के टेंकरों के प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं, जिससे देश के कई हिस्सों में अफवाहों के साथ पैट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका जताई जा रही है।

श्रीकरणपुर जैसे सीमावर्ती इलाके में यह प्रभाव जल्दी दिखना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यहां पहले से ही लॉजिस्टिक्स और पैट्रोल की आपूर्ति में कुछ चुनौतियां रहती हैं। स्थानीय बाइक चालक और वाहन मालिक परेशान हैं, क्योंकि सीमित पेट्रोल मिलने से उनकी रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

सरकार और तेल कंपनियां हालांकि लगातार आश्वासन दे रही हैं कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कुल आपूर्ति सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं। फिर भी युद्ध की अनिश्चितता के कारण कुछ इलाकों में स्टॉक की कमी या बढ़ी हुई मांग के चलते ऐसी स्थितियां बन रही हैं।

स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है कि वे पैट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ाएं और कालाबाजारी या अनुचित सीमित वितरण को रोका जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।

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