श्रावस्ती , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश में श्रावस्ती जिले के नासिरगंज क्षेत्र में शिया समुदाय ने इस वर्ष ईद-उल-फितर सादगी और गमगीन माहौल में मनाई। समुदाय द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के तहत इस बार ईद पर किसी प्रकार का जश्न या सार्वजनिक आयोजन नहीं किया गया और नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई।
समुदाय के इमाम मौलाना तुफैल अब्बास ने बताया कि शिया धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खमेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए यह निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज अदा की गई, लेकिन पूरे क्षेत्र में सादगी और खामोशी का वातावरण बनाए रखा गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अनावश्यक खर्च और उत्सव से बचें तथा दिवंगत धर्मगुरु के लिए दुआ करें।
समाज के सदस्य नाजिम हैदर ने कहा कि रहबर के निधन से विश्वभर के शिया समुदाय में गहरा दुख है, ऐसे में खुशियां मनाना उचित नहीं समझा गया। वहीं वकार हैदर ने बताया कि मजलूमों के हमदर्द की याद में इस बार ईद सादगी और शोक के साथ मनाई गई। ईद की नमाज के दौरान लोगों ने देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी, हालांकि पूरे कार्यक्रम में सादगी का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। पूरे नासिरगंज क्षेत्र में दिन भर दुआओं का सिलसिला जारी रहा और शोक का वातावरण देखने को मिला।
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