गौतमबुद्धनगर , मई 07 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में गत 13 अप्रैल को विभिन्न स्थानों पर श्रमिकों/कामगारों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की अब मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी इस मामले में मौखिक, लिखित और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की है।

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय एवं अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय गौतमबुद्धनगर अजय कुमार ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि 13 अप्रैल को फेस- दो थाना और नोएडा सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में श्रमिकों एवं कामगारों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था और लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था।

उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के लिए उन्हें मजिस्ट्रियल जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसक प्रदर्शन किन कारणों और परिस्थितियों में हुआ तथा किन व्यक्तियों या संगठनों के उकसावे में उपद्रव और हिंसा की घटनाएं हुईं।

प्रशासन ने सर्वसाधारण से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी, दस्तावेज, मौखिक या लिखित साक्ष्य अथवा ऑडियो-वीडियो जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे 15 मई तक प्रस्तुत कर सकते हैं।

साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक पुलिस लाइन स्थित पुलिस उपायुक्त लाइन्स कार्यालय, गौतमबुद्धनगर में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित