नैनीताल , जनवरी 20 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सचिव और मंडलायुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण तथा धार्मिक यात्राओं को सरल, सुखद और सुरक्षित बनाने हेतु कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) एवं जिले के पुलिस प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

उन्होंने वर्चुअल माध्यम से की गयी इस बैठक में निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न धार्मिक स्थलों यथा-कैंची धाम, मां गर्जिया देवी, जागेश्वर, मां पूर्णागिरी धाम, हाट कालिका, बागनाथ आदि प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ एवं व्यवस्था प्रबंधन के प्रभावी उपाय किए जाएं। धार्मिक स्थलों पर क्षमता के आधार पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाते हुए चरणबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में धार्मिक स्थल के परिसर में प्रवेश की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के जन-समूह को नियंत्रित करने हेतु पर्याप्त मानव संसाधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण पर्वो पर विशेष सुरक्षा एवं प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। भीड़ की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हेतु सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएं।

उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए दीर्घकालिक परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर 15 दिन के भीतर भेजे जाएं, जिनमें यातायात व्यवस्था, पार्किंग क्षमता एवं विस्तार, सड़क चौड़ीकरण, आपदा सुरक्षा उपकरण, तकनीकी एकीकरण एवं इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सम्मिलित हों।

उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षात्मक तथा बुनियादी ढांचे की कमी का आंकलन करते हुए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाय। आधुनिक डिजिटल सुविधाओं यथा एआई आधारित हेड काउंट एवं घनत्व निगरानी उपकरणों, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली व सेंसर उपकरण एवम् सर्विलांस सिस्टम आदि को उपयोग में लाया जाए। आपदा/आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु कार्य योजना तथा स्थानीय पुलिस/अग्नि शमन सेवा और एस.डी.आर.एफ. के साथ समन्वय स्थापित किया जाय एवं आपातकालीन निकासी मार्ग की व्यवस्था की जाय। विद्युत सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए ऑडिट का प्राविधान किया जाय। धार्मिक यात्रा सबंधी दीर्घकालिक एवं तत्कालिक कार्यों को श्रेणीबद्ध करते हुए तत्काल प्रारम्भ किये जाने वाले कार्यों को त्वरित गति से सम्पादित किया जाय।

इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि आवश्यकता अनुसार क्रेन, जेसीबी एवं अन्य यांत्रिक संसाधनों की डिमांड अग्रिम रूप से करें ताकि स्थल पर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग किया जा सके। उन्होंने मेले एवं विभिन्न पर्वों के दौरान कैंचीधाम में होने वाली अधिक भीड़ के नियंत्रण हेतु हल्द्वानी से शटल सेवा शुरू करने के लिए पार्किंग स्थल भी चयनित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एसएसपी नैनीताल डॉ0 मंजूनाथ टीसी ने कैंची धाम, गर्जिया देवी मंदिर से संबंधित, जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने मां पूर्णागिरी मंदिर से सम्बन्धित तथा जिलाधिकारी अल्मोड़ा अंशुल सिंह ने जागेश्वर धाम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, अल्मोड़ा अंशुल सिंह, चंपावत मनीष कुमार, पिथौरागढ़ आशीष भटगाई, बागेश्वर आकांक्षा कोंडे सहित सभी जिलों के एसएसपी, एसपी अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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