सोनभद्र , दिसंबर 22 -- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र पुलिस की एसआईटी टीम की जांच में कोडीन युक्त सिरप के अवैध व्यापार के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा झारखंड में संचालित फर्म शैली ट्रेडर्स का ड्रग लाइसेंस और गोदाम का लाइसेंस फर्जी पाया गया, साथ ही जिले के संबंधित फर्मों के खाते में हुए 50 करोड़ के लेन-देन की जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सोमवार को बताया कि एसआईटी टीम की जांच में शैली ट्रेडर्स रांची झारखंड का ड्रग लाइसेंस और गोदाम का लाइसेंस फर्जी पाया गया है। आरोपियों द्वारा झारखंड के औषधि विभाग से दोनों लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दिया गया गोदाम का किरायेदारी प्रपत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर फर्जी थे।

उन्हाेने बताया कि एसआईटी द्वारा माँगी गई सूचनाओं के जवाब में सहायक निदेशक, रांची द्वारा उक्त जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सहायक निदेशक ने झारखंड के थाना धुर्वा रांची में एक मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। दर्ज कराये गये मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि शैली ट्रेडर्स द्वारा ड्रग लाइसेंस और गोदाम के लाइसेंस प्राप्त करने के लिए विभाग को धोखे में रखा गया और तथ्यों को छुपाया गया। जांच में एस आई टी ने पाया कि शुभम जायसवाल और भोला प्रसाद जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स द्वारा सप्लाई किए गए नशीले फेंसाडील के कारोबार बांग्लादेश की सीमा के पास सिलीगुड़ी , दार्जिलिंग और पश्चिम बंगाल तक पाए गए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित