उज्जैन , फरवरी 08 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के तृतीय दिवस संध्या पूजन के पश्चात भगवान महाकालेश्वर ने शेषनाग धारण कर भक्तों को दर्शन दिए।

देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख भगवान महाकालेश्वर को इस अवसर पर मुकुट, मुंड माला, नागकुंडल एवं फलों की माला से विशेष श्रृंगार किया गया। महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान भगवान महाकालेश्वर 14 फरवरी तक प्रतिदिन विभिन्न स्वरूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर स्थित कोटितीर्थ तट पर प्रातः 8 बजे श्री गणेश पूजन एवं श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन किया गया। शिव नवरात्रि महोत्सव के तृतीय दिवस का शुभारंभ पूजन, अभिषेक एवं आरती के साथ हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा भगवान महाकालेश्वर का एकादश-एकादशिनी रुद्रपाठ से अभिषेक किया गया। यह पूजन क्रम 14 फरवरी तक प्रतिदिन जारी रहेगा।

अपराह्न 3 बजे सांध्य पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान महाकालेश्वर ने भांग श्रृंगार कर निराकार से साकार रूप धारण किया। सूत्रों ने बताया कि सोमवार 09 फरवरी को भगवान महाकालेश्वर श्री घटाटोप स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

उल्लेखनीय है कि 06 फरवरी से डॉ. अजय अपामार्जने की नौ दिवसीय हरिकीर्तन कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सायं 5 से 6 बजे तक मंदिर परिसर में नवग्रह मंदिर के समीप संगमरमर के चबूतरे पर कीर्तन हो रहा है। हरिकीर्तन के तीसरे दिन डॉ. अपामार्जने ने संत कबीर महाराज के भजन "कब सुमिरोगे राम अब तुम" के माध्यम से नामस्मरण का महत्व, जीवन का ध्येय एवं शिव भक्ति का भावपूर्ण विवेचन किया। तबले पर संगत श्रीधर व्यास ने की।

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