पलक्कड़ , अप्रैल 06 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को केरल के पलक्कड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की पिनाराई विजयन सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्री पिनाराई ने किसानों के नाम पर केवल "मज़ाक" किया है और राज्य में कृषि की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने पर हर फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज नहीं, बल्कि उनके पसीने की सही कीमत मिलनी चाहिए। उन्होंने इसके साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि बिचौलियों को हटाकर पैसा सीधे किसानों के खातों में पहुंचाया जाएगा।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से कई किसान वंचित हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। उन्होंने दावा किया कि सरकार बनने पर हर पात्र किसान का नाम योजना से जोड़ा जाएगा और उन्हें लाभ मिलेगा।

श्री चौहान ने केरल में अत्याधुनिक एग्रीकल्चर पार्क बनाने और इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल लागू करने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि खेती के विस्तार और प्रोसेसिंग बढ़ाने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। बंद पड़ी चावल मिलों को फिर से शुरू करने की भी घोषणा की गई।

श्री चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने गरीबों के मकानों के लिए 500 करोड़ रुपये दिए, लेकिन राज्य सरकार ने इसका उपयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि हर गरीब को पक्के मकान में लाना सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने का काम जारी है और इसके चौथे चरण के लिए राज्य सरकार से प्रस्ताव मांगे गए हैं। उनका लक्ष्य है कि कोई भी गांव सड़क से वंचित न रहे।

श्री चौहान ने आरोप लगाया कि पिछले 70 वर्षों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ और यूडीएफ) ने मिलकर केरल को विकास के बजाय भ्रष्टाचार का मॉडल बना दिया है। उन्होंने सोलर और अन्य घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों गठबंधन भ्रष्टाचार और अपराध में साझेदार हैं।

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