शिवपुरी , फरवरी 22 -- मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गिद्ध गणना का प्रथम चरण आज संपन्न हो गया, जिसमें जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में 735 गिद्धों की उपस्थिति दर्जकी गई।
वन मंडल अधिकारी सुधांशु यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के जंगलों में पाई गई गिद्धों की संख्या स्थिर और सुरक्षित है। गणना के दौरान इंडियन लॉन्ग-बिल्ड वल्चर, किंग वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, यूरेशियन ग्रिफिन और हिमालयन ग्रिफिन प्रजातियां पाई गईं।
उन्होंने बताया कि माधव टाइगर रिजर्व सहित सतनवाड़ा, पोहरी और शिवपुरी के अन्य वन क्षेत्रों में गिद्धों की सघन आबादी दर्ज की गई। वर्तमान में देश में सर्वाधिक गिद्ध मध्यप्रदेश में पाए जाने के कारण प्रदेश को 'गिद्ध राज्य' होने का गौरव प्राप्त है। श्री यादव ने बताया कि इस बार पहली बार मोबाइल ऐप की सहायता से गिद्धों की गणना की गई, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 के आसपास गिद्धों की संख्या में तेजी से गिरावट आई थी। इसका प्रमुख कारण पशुओं को दी जाने वाली डाइक्लोफिनेक दवा थी। जब ऐसे पशुओं की मृत्यु के बाद गिद्ध उनका मांस खाते थे, तो उनके गुर्दे प्रभावित होते थे और वे बड़ी संख्या में मरने लगे थे। बाद में इस दवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद गिद्धों की संख्या में गिरावट रुक गई। वन विभाग के अनुसार आगामी चरणों में भी गणना जारी रहेगी, जिससे गिद्ध संरक्षण की दिशा में और प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
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