बेंगलुरु/ नयी दिल्ली , मार्च 28 -- कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को असम की राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि श्री सरमा चुनाव से पहले 'भय आधारित ध्रुवीकरण' की राजनीति कर रहे हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रचारक के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि वह जल्द ही असम और केरल का दौरा करेंगे, जिससे पार्टी की राज्य सीमाओं से बाहर सक्रियता बढ़ाने की उनकी रणनीति साफ होती है।
उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से असम जा रहा हूं। हमें सभी राज्यों में जाकर प्रचार करना है।"उनके बयान का हालांकि मुख्य केंद्र असम के मुख्यमंत्री पर सीधा हमला रहा। श्री शिवकुमार ने आरोप लगाया कि श्री हिमंत बिस्वा सरमा जानबूझकर संवेदनशील मुद्दों को उठाकर मतदाताओं को बांटने की कोशिश कर रहे हैं और यह उनकी राजनीतिक असुरक्षा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, " वह हमेशा बंगलादेशियों की बात करते हैं, ध्रुवीकरण की कोशिश करते हैं। वह मेरे पीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी टिप्पणी कर रहे हैं. वह उनसे डरते हैं।"इन बयानों को असम के बदलते चुनावी परिदृश्य में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, जहां कर्नाटक के एक वरिष्ठ नेता डी के शिवकुमार ने सीधे तौर पर राज्य की राजनीति में दखल देते हुए मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को चुनौती दी है।
श्री शिवकुमार ने इस मुद्दे को 'शासन बनाम कुशासन' की लड़ाई बताते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के आरोप भी लगाये। उन्होंने कहा कि आम लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है और जातिएवं जमीन से जुड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा की उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद पार्टी के भीतर भी असंतोष है और कार्यकर्ताओं में निराशा देखने को मिल रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित