कोंडागांव , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ़ में कोंडागांव जिले के बम्हनी गांव स्थित प्राथमिक शाला पुजारी पारा में पदस्थ शिक्षिका प्रतिभा आमुश पर ग्रामीण और हिन्दू संगठनों ने धर्मांतरण को बढावा देने का आरोप लगाये हैं।

ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों ने शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने स्कूल के कमरों से महापुरुषों (महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस आदि), मां सरस्वती, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीरें हटाकर उनकी जगह ईसा मसीह (यीशु) की तस्वीरें लगा दी हैं। उन पर बच्चों को ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने और धर्मांतरण के उद्देश्य से कार्य करने का संदेह जताया गया है।

बम्हनी गांव के उप सरपंच संतोष कश्यप ने बताया कि शिक्षिका कक्ष उपलब्ध होने के बावजूद बच्चों को प्रांगण में पढ़ाती हैं और पूरे स्कूल में अब केवल ईसा मसीह की ही तस्वीरें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने पर शिक्षिका का रवैया दुर्व्यवहारपूर्ण रहा।

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी है। बजरंग दल के नेता करन उइके के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आज खंड शिक्षा अधिकारी, कोंडागांव के कार्यालय का घेराव किया और त्वरित कार्रवाई की मांग की। उइके ने चेतावनी दी कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी, कोंडागांव द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन पर उतरेंगे।

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