उदयपुर , दिसंबर 21 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा है कि गरीबी केवल शिक्षा से ही दूर हो सकती है और इसके लिए समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने की जरुरत है।
श्री बागडे रविवार को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। परिवार में जब कोई व्यक्ति पढ़-लिखकर नौकरी हासिल करता है तो उसकी पूरी पीढ़ी का भविष्य संवर जाता है। इस दिशा में वंचित वर्ग को शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। गरीबी केवल शिक्षा से ही दूर हो सकती है, इसके लिए समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने की जरुरत है।
उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल में गुरु और शिष्य परिवार के सदस्य होते थे, जिससे छात्र का सतत मूल्यांकन संभव होता था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सदा सत्य के मार्ग पर चले, धर्म का पालन करें और मानवता की भलाई के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा में जीवन के विभिन्न आयामों और संस्कारों का समावेश होना चाहिए, तभी अच्छे नागरिक तैयार होंगे। बच्चों की शारीरिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास करना शिक्षा का मूल उद्देश्य है। विश्वविद्यालयों को देश-दुनिया की टॉप रैंकिंग में लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यह केवल डिग्री वितरण का अवसर नहीं है बल्कि एक विद्यार्थी के निर्माण में अध्यापक, अभिभावक और संस्थान का सामूहिक समर्पण होता है। उन्होंने कहा कि इस समारोह में सर्वाधिक स्वर्ण पदक और पीएचडी छात्राओं को मिली है, जो इस बात का संकेत है कि हमारा समाज सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दीक्षान्त समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। सरकार के स्तर पर मजबूती के साथ नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं और साधनों के अभाव की पूर्ति के लिए सरकार कृतसंकल्पित है।
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