नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि इस बदलते दौर में आपकी शिक्षा केवल डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि इसमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अनुकूलनशीलता, तार्किक सोच और इनोवेशन का साहस होना अनिवार्य है।

श्री संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) के 18वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में हजारों नई यात्राओं का शुभारंभ है। आज का युवा एक ऐसे दौर में कदम रख रहा है, जहां एआई और सस्टेनेबल इनोवेशन जैसी तकनीकें दुनिया को नया आकार दे रही हैं।

श्री संधू ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि इस बदलते दौर में आपकी शिक्षा केवल डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अनुकूलनशीलता, तार्किक सोच और इनोवेशन का साहस होना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए देश को ऐसे समाधानकर्ताओं की आवश्यकता है, जो शहरी विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस जैसी जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकाल सकें।

उपराज्यपाल ने कहा कि ज्ञान न्याय और सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी शिक्षा को केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि न मानकर, इसे समाज और राष्ट्र के प्रति एक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली और भारत का भविष्य इन प्रतिभाशाली युवाओं के हाथों में सुरक्षित है, जो अपने साहस, उद्देश्य और समर्पण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्नातक हो रहे युवा ही 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने वाले वास्तविक सारथी हैं। आपकी प्रतिभा और सामर्थ्य ही देश को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग न केवल व्यक्तिगत प्रगति के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा एआई, रोबॉटिक्स, डेटा साइंस और डिजाइन इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि 170 से अधिक स्टार्टअप्स को समर्थन देकर विश्वविद्यालय युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बना रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली का शिक्षा बजट 19,326 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों को स्मार्ट बनाना ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करना है। दिल्ली सरकार जेईई, नीट और सीएलएटी जैसी परीक्षाओं के लिए 2,200 से अधिक छात्रों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है।

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