नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- शिक्षा की गुणवत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश, नयी शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी युग में नवाचार तथा विद्यार्थियों में संस्कारों के संवर्धन जैसे विषयों पर गहन चर्चा से सोमवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की वार्षिक साधारण सभा का समापन हुआचार दिवसीय इस सभा में 2030 तक हर जिले में विद्यालय खोलने, नशा मुक्ति अभियान और 'विद्या भारती टीवी' की शुरुआत करने की घोषणा की गयी।
चार दिवसीय इस राष्ट्रीय चिंतन बैठक में देशभर से आए विद्या भारती के 350 पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल का विशेष सान्निध्य रहा। समापन सत्र में अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे, महामंत्री देशराज शर्मा, संगठन मंत्री गोविंद महंत सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। समापन सत्र को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा का प्रसार करने वाला संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है, जो शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करता है।
समापन सत्र में संगठन द्वारा आगामी वर्षों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव एवं संकल्प लिए गए। वर्ष 2030 तक देश के प्रत्येक जिले में विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के विरुद्ध व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 50 कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने की घोषणा की गई। वर्ष 2027 में संगठन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 'अमृत महोत्सव' के माध्यम से कार्यों के विस्तार एवं दृढ़ीकरण का संकल्प लिया गया।
इस दौरान आधुनिक तकनीकी परिवेश को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही डिजिटल शिक्षा से जुड़े नवाचार एवं प्लेटफॉर्म प्रारंभ किए जाएंगे। साथ ही, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रबोध से युक्त सामग्री के प्रसार के लिए 'विद्या भारती टीवी' प्रारंभ करने की घोषणा भी की गई।
समापन सत्र में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारतीय दृष्टि पर आधारित शिक्षा की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है, तथा विद्या भारती इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाएगी। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र निर्माण के इस पुनीत कार्य में पूर्ण समर्पण के साथ योगदान देने का संकल्प लिया।
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