चंडीगढ़ , मई 08 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को आगामी 102 नगर परिषद और नौ नगर पंचायत/निगम कमेटी चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने का ऐलान किया है। यह फैसला पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हलका इंचार्जों और जिला प्रधानों की बैठक में लिया गया।

बैठक में पंजाब सरकार द्वारा पारित नए बेअदबी विरोधी कानून की भी आलोचना की गई। शिअद नेताओं ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान की रक्षा के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन ग्रंथियों और गुरुद्वारा कमेटियों को इस कानून के तहत निशाना बनाना गलत है।

वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि वह कानून में "कस्टोडियन" शब्द का गलत अर्थ बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में हलका इंचार्जों को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में लोगों की मदद के लिए ब्लॉक स्तर एजेंट नियुक्त करने के अधिकार भी दिए गए हैं।

बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई गई। डॉ. चीमा ने कहा कि जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर में सेना मुख्यालय के पास हुए हालिया धमाकों ने साबित कर दिया है कि पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिम्मेदारी लेने के बजाय बिना सबूत दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि एक तरफ मुख्यमंत्री भाजपा नीत केंद्र सरकार को दोष दे रहे हैं, जबकि राज्य के महानिदेशक पाकिस्तान आधारित एजेंसियों की भूमिका बता रहे हैं।

शिअद नेताओं ने मोहाली में ईडी कार्रवाई के दौरान नोटों की बरसात जैसे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी और आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने से साफ है कि भ्रष्टाचार पार्टी के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुका है।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में श्री बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री, उनका निजी स्टाफ और आप नेतृत्व भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की "शुकराना यात्रा" सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर जिले में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री अपने ही लोगों से डर गए हैं।

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