, Jan. 13 -- श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देश के सामने संकल्प रखा कि जब 15 अगस्त 2047 को भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा कि यह पुरुषार्थ, परिश्रम और प्लानिंग युवा पीढ़ी के भविष्य और भविष्य के भारत के लिए है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प मोदी जी का संकल्प न रहकर देश के 140 करोड़ लोगों का संकल्प बन गया है कि 15 अगस्त 2047 को हमारी भारत माता विश्व के सर्वोच्च स्थान पर विराजमान होगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि चारुसेट से ग्रेजुएट, डॉक्टरेट या डबल ग्रेजुएट होकर निकलने वाले हर विद्यार्थी यह उद्देश्य अवश्य निश्चित करें कि वह 2047 में महान भारत की रचना के लिए अपने जीवन को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को कुछ सीख देना चाहते हैं, पहला - जीवन में हमेशा बड़े सपने देखें, असफलता का डर निकाल दें और पुरुषार्थ करने की हिम्मत रखें, देखे गए सपने जरूर पूरे होंगे। दूसरा - टेक्निकल एजुकेशन प्राप्त युवा इस बात पर सतत विचार करें कि टेक्नोलॉजी का उपयोग समाज और देश के लिए किस प्रकार किया जा सकता है। तीसरा - निरंतर सीखते रहें और अपने भीतर के विद्यार्थी को कभी मरने न दें। चौथा - सीखने के अलावा अन्य कोई मार्ग नहीं है। पाँचवाँ - टेक्नॉलजी के ज्ञान के मामले में कभी शॉर्टकट नहीं अपनाने का संकल्प लें, और छठा - देश से ऊपर कुछ नहीं है। अपना काम देश को 2047 में महान बनाने की कल्पना के साथ करें।

गृह मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप कल्चर भारत के युवाओं का स्वभाव है। आज हम विश्व में स्टार्टअप की संख्या में और यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या में तीसरे नंबर पर हैं। स्टार्टअप कल्चर हमारे युवाओं का स्वभाव है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों में देश में मूलभूत परिवर्तन हुआ है सीटों की संख्या, कोर्स डिज़ाइन, एजुकेशन के बाद मिलने वाले अवसरों की संख्या में वृद्धि जैसे मूलभूत परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस की संख्या आजादी से 2014 तक 51 हजार थी, आज केवल 10 वर्ष में यह 51 हजार से बढ़कर 71 हजार पहुँच गई है। यूनिवर्सिटी 760 से बढ़कर 1391 हो गईं। कॉलेज 38 हजार 498 से बढ़कर आज 53 हजार हो गए हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 तक पहुँची है। एमबीबीएस सीट्स की संख्या 51 हजार से एक लाख 29 हजार हुई है। पीजी सीट्स की संख्या 31 हजार से 82 हजार हुई है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी प्लानिंग के साथ इस देश के हायर एजुकेशन बेस को व्यापक बनाने का काम बीते ग्यारह वर्षों में हुआ। इस हायर एजुकेशन से ग्रेजुएट होकर जो युवा बाहर निकलेंगे, उनके लिए अपार अवसरों की रचना का काम भी हुआ है।

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