नयी दिल्ली , जनवरी 27 -- आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर शाहबाद डेयरी स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की जर्जर हालत पर कार्रवाई की मांग की है।

सुश्री मालीवाल ने कहा कि 2020 में स्कूल की इमारत बनी थी जिसका तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उद्घान किया था और इसे विज्ञापनों में "वर्ल्ड क्लास मॉडल स्कूल" बताया गया था। मात्र पाँच सालों के भीतर ही खतरनाक घोषित कर बंद कर दी गई, जो भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की ओर सीधा इशारा करता है। उन्होंने कहा कि निर्माण के पहले ही साल से स्कूल के खंभों में दरारें आने लगी थीं और छत से पानी टपकने लगा था। शिक्षकों के अनुसार चार मंज़िला इमारत इतनी घटिया बनी थी कि बारिश के दौरान ऊपर से पानी सीधे नीचे तक पहुंच जाता था, जिससे कंप्यूटर लैब के नए कंप्यूटर तक खराब हो गए।

उन्होंने कहा कि वह खुद मौके पर जाकर इमारत का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसों से बनी, महज़ कुछ साल पुरानी स्कूल बिल्डिंग का इस हालत में पहुंच जाना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस स्कूल के छात्रों को रोहिणी सेक्टर-27 स्थित सर्वोदय स्कूल में शिफ्ट किया गया है। सुरक्षा के डर से कई माता-पिता ने अपनी बेटियों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि जो छात्राएं बस से जाती हैं, उन्हें खचा खच भीड़ का सामना करना पड़ता है। बस स्टॉप स्कूल से एक किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है, जहां से बच्चियों को फिर सुनसान रास्तों से पैदल चलना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति और भी भयावह है।

इससे पहले सुश्री स्वाति मालिवाल ने नेहरू विहार में बने एक अन्य स्कूल का भी निरीक्षण किया, जहां दीवारों और छतों में पहले ही दरारें आ चुकी हैं। उन्हें आशंका है कि यह स्कूल भी कुछ ही वर्षों में शाहबाद डेयरी जैसी स्थिति में पहुंच सकता है।

उन्होंने मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बने सभी ऐसे स्कूलों की तत्काल जांच होनी चाहिए।उन्होंने श्री विनय सक्सेना से मांग करते हुए लिखा की शाहबाद डेयरी स्कूल की घटिया निर्माण गुणवत्ता, लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार पर प्राथमिकी दर्ज कर समयबद्ध जांच हो तथा शाहबाद डेयरी में नई स्कूल बिल्डिंग को तुरंत मंजूरी देकर गुणवत्ता जांच के साथ निर्माण होनी चाहिए।

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