हमीरपुर , मई 03 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शासनादेश के तीन साल बाद भी जल निगम (ग्रामीण) ने जल संस्थान द्वारा संचालित एक सौ एक गांवों की पेयजल व्यवस्था को हैंडओवर नही किया है। जिससे पेयजल योजनाओं के संचालन की स्थिति धूमिल बनी हुई है योजनाओं का संचालन जल संस्थान कर रहा है या जल निगम ग्रामीण कर रहा है स्थिति स्पष्ट नही हो पा रही है लिहाजा लोग एक एक बूंद पानी को तरस रहे है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राहुल सिंह ने रविवार को बताया कि जैसे जैसे गर्मी का प्रकोप बढता जा रहा है लोगो को हलक तर करने के लिये इधर उधर भटकना पड रहा है करोडो की नमामि गंगे परियोजना जवाब देती जा रही है। एक एक धेला के लिये तरस रहा जल संस्थान.हमीरपुर अभी भी गलिहा,नौरंगा,परछा पुरैनी,अतरौली,कछवाकला,मिश्रीपुर,शेखूपूर,कुरारा ग्रामीण,पौथिया विवार,उमरी,मुस्करा,इमिलिया,पहाडी भिटारी गोहांड आदि ग्रामीण योजनाओ का संचालन कर करीब एक सौ गांवों को पानी मुहैया करा रहा है जबकि इन गावों की जिम्मेदारी जल निगम ग्रामीण की होनी चाहिये तीन साल बाद भी जल निगम ने योजनाओ का हैँडओवर नही किया है।
अधिशासी अभियंता ने हाल ही में दो सप्ताहर में हैंडओवर के लिये तीन मर्तवा पत्र भी लिखा है। जल संस्थान के एक्शियन का कहना है कि यदि सौ गावों की पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गयी तो जिले में त्राहि त्राहि मच जायेगी। जल निगम ग्रामीण संदेश कुमार सिंह का कहना है कि जल संस्थान की जो योजनाए संचालित है उनको कुछ को हैडओवर कर लिया है मगर टूटी फूटी टंकी लेने का कोई प्राविधान नही है इसके अलावा कुछ जगहो पर उनकी टंकिया बन गयी है इसलिये वहा की योजनाओ का हैडओवर करने का कोई मतलब नही रह गया है बहरहाल मामला दोनो विभागो के मध्य टकराव बना हुआ है ऐसी हालत में ग्रामीण जनता दो पाटो के मध्य पिसती नजर आ रही है।
इधर जल निगम ग्रामीण के ज्यादातर गांवों में पानी नही पहुच पा रहा है न ही कोई अभियंता मौके पर देखने गया है। जो पाइप लाइन डाली है वह उखड कर बाहर आ गयी है कोई भी पाइप लाइन मानक के अनुरुप नही डाली गयी है।इसी प्रकार पेयजल योजनाओं में लगे नलकूप चालको का मानदेय में भी दोनो विभाग आमने सामने हो गये है जल संस्थान का कहना है कि नलकूप चालको का मानदेय विभाग दे रहा है जबकि जल निगम ग्रामीण का कहना है कि मानदेय वह अपने बजट से दे रहा हैयदि ऐसा है तो क्या नलकूप चालकों को दो स्थानो पर मानदेय मिल रहा है इससे भारी वित्तीय अनियमितताएं बनी हुई है।गोल मोल जवाब देते हुये जल निगम ग्रामीण के एक्शियन का कहना है कि जो योजनाएं वह चला रहे है उनको मानदेय वह दे रहे है जबकी जल संस्थान का कहना है कि जब कोई भी योजना हैडंओवर नही की गयी है तो वह चालकों को मानदेय किस आधार पर दे रहे है।
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