कोलकाता , अप्रैल 08 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद शारदा घोटाले के मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन 13 साल बाद जेल से रिहा हो सकते हैं। अगर कागजी प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है, तो संभावना है कि सेन गुरुवार को जेल से बाहर आ जाएंगे। सुदीप्त सेन चिटफंड घोटाले से जुड़े कुल 389 मामलों में फंसे हुए थे।
हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन राज्य पुलिस के 308 मामलों की वजह से वह जेल में ही थे। इनमें से भी ज्यादातर मामलों में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन बारासात थाने के दो मामले अंतिम बाधा बने हुए थे, जिनमें अब अदालत ने राहत दे दी है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य पुलिस और सीबीआई, दोनों को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने सवाल उठाया कि 2014 में चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद दस साल बाद भी ट्रायल (सुनवाई) शुरू क्यों नहीं हो पायी?पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बिना सुनवाई के अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि जमानत मिलने से जमाकर्ताओं का पैसा वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया में तेजी आ सकती है।
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने सीबीआई के वकील के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उच्च न्यायालय ने एजेंसी को याद दिलाया कि समय पर सुनवाई पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। उच्च न्यायालय ने पूछा कि क्या सिर्फ जमानत मिल जाना ही प्रक्रिया का अंत है? सुनवाई को अंजाम तक पहुँचाना भी उतना ही जरूरी है। हालांकि, पीठ ने सेन को जमानत देते समय कई कड़ी शर्तें भी रखी हैं।
सुदीप्त सेन को साल 2013 में बिधाननगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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