ऋषिकेश , अप्रैल 13 -- नेपाली फार्म स्थित निर्माणाधीन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क में शहीदों के स्मारक निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त क्षेत्रीय संघर्ष समिति का धरना सोमवार को 15वें दिन और तेज हो गया। समिति ने आंदोलन को और प्रभावी बनाने के लिए क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है।

समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जागरूक प्रतिनिधियों की शीघ्र बैठक बुलाई जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन क्रमिक अनशन से आगे बढ़कर आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के जिला अध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की भावनाओं की अनदेखी कर रही है, जिससे क्षेत्र की जनता में रोष बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आज से सांकेतिक एक दिवसीय क्रमिक अनशन की शुरुआत की गयी है।

समाजसेवी विकास सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों का सम्मान करना समय की मांग है। यदि आने वाली पीढ़ियों को राज्य आंदोलन का सही इतिहास नहीं बताया गया, तो यह समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने सभी लोगों से एकजुट होकर राज्य की अस्मिता और गौरव की रक्षा करने का आह्वान किया।

धरने के तहत आज समिति सदस्य गौतम राणा एक दिवसीय अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान के लिए जरूरत पड़ी तो वे अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

इस दौरान स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुधीर राय रावत, राजेंद्र सिंह रावत, कुमेर सिंह रावत, कमल सिंह राणा, राजेश बोरा और वीरेन्द्र सिंह गुर्जर सहित कई लोग मौजूद रहे।

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