नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- कांग्रेस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहीद दिवस पर शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय से बापू के शहीद स्थल 30 जनवरी मार्ग तक मार्च करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) बचाओ संग्राम के तहत मार्च निकाला जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस ने कहा है कि मनरेगा ग्रामीण भारत की आत्मा में बसा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लाख कोशिशों के बाद भी उसे मिटा नहीं सकती। पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता इसके खिलाफ अपनी पूरी ताकत लगा देंगे और सरकार की इस साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने मनरेगा के समर्थन में हाथों तख्तियां और मनरेगा बचाओ संग्राम लिखे बैनर लेकर प्रदर्शन करते हुए 'मनरेगा चोर - गद्दी छोड़, मनरेगा गर जाएगा बाजार सुस्त हो जाएगा, हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता अजय माकन, जयराम रमेश, राजीव गौड़ा, पवन खेड़ा, उदित राज, देवेंद्र यादव, कर्नल रोहित चौधरी सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बाद में पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस हाल ही में बनाये गये नये वीबी जीराम जी अधिनियम को समाप्त कर मनरेगा की बहाली की मांग कर रही है और इसके लिए देशव्यापी विरोध के तहत उसने मनरेगा बचाओ संग्राम शुरु किया है। कांग्रेस का देशव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम 10 जनवरी से शुरु हुआ और 28 फरवरी तक चलेगा।
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