रांची , दिसंबर 05 -- झारखंड विधानसभा परिसर में शीतकालीन सत्र के पहले दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है।

पत्रकारों से बात करते हुए मरांडी ने कहा कि जब राज्य में नई शराब नीति बनाई जा रही थी, उसी समय उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संभावित अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि यदि उस समय कार्रवाई की गई होती, तो शराब घोटाले जैसे विशाल भ्रष्टाचार की नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उस दौरान लेन-देन में किसी तरह की 'गड़बड़ी' या 'कमी' रह गई, जिसके कारण बाद में कार्रवाई हुई।

श्री मरांडी ने पूर्व वरिष्ठ अधिकारी विनय चौबे का नाम लेते हुए कहा कि "विनय चौबे बड़ी रकम ले लिए होंगे और उसका हिस्सा मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचा होगा।" मरांडी ने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि उनके पत्र पर किस प्रकार की कार्रवाई की गई।

मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह सत्र भले ही छोटा है, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और खराब अर्थव्यवस्था-ये तीन मुख्य समस्याएँ हैं जिनसे मौजूदा सरकार जूझ रही है।

श्री मरांडी ने कहा कि विकास की "गाड़ी खराब पड़ी हुई है" और भारतीय जनता पार्टी एनडीए के साथ मिलकर सदन के अंदर और बाहर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।

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