मुंबई , दिसंबर 29 -- वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर पहला कदम उठा लिया हैश्री अंबेडकर की यह टिप्पणी उद्योग हस्ती गौतम अडानी के साथ पवार परिवार का मिलनसार रवैया और रविवार को उनके बारामती दौरे के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों गुटों की राजनीतिक हलचल के मद्देनजर सामने आयी है।

उन्होंने कहा , "चाचा (शरद पवार) और भतीजा (उपमुख्यमंत्री अजीत पवार) एक साथ आ गए हैं, जिसका मतलब है कि वे (दोनों राकांपा) विलय हो गए हैं। शरद पवार ने अजीत पवार की मदद से भाजपा में शामिल होने का पहला कदम उठा लिया है। शरद पवार के काम उनके कहे के बिल्कुल विपरीत हैं। अगर सुप्रिया सुले केंद्र में मंत्री बनती हैं और अजीत पवार महाराष्ट्र में चीजें संभालते हैं तो धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।"दोनों राकांपा के एक साथ आने पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, "शरद पवार और गौतम अडानी के बीच संबंध राजनीतिक से ज़्यादा व्यक्तिगत हैं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि राकांपा को किसने तोड़ा। यह अडानी थे जिन्होंने राकांपा को तोड़ा और किसी को भी यह नहीं भूलना चाहिए।"इससे पहले रविवार को श्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) चुनाव एक गठबंधन के रूप में लड़ने की योजनाओं की घोषणा की, जो उसी दिन बारामती में उद्योगपति गौतम अडानी के राकांपा संस्थापक शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ मंच साझा करने के साथ हुआ।

श्री अडानी ने रविवार को बारामती में शरदचंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उद्घाटन किया और शरद पवार को अपना "गुरु" बताया, जबकि बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने अडानी समूह के अध्यक्ष को अपना "बड़ा भाई" बताया।

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