श्रीनगर , फरवरी 03 -- जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने शब-ए-बरात के अवसर पर श्रीनगर की जामा मस्जिद में रात की नमाज पर लगातार सातवें वर्ष रोक लगा दी है, जबकि कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारुख को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है।
मस्जिद का प्रबंधन करने वाली संस्था अंजुमन औकाफ ने बताया कि मंगलवार को असर (दोपहर बाद) की नमाज के कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें मस्जिद के गेट बंद करने का निर्देश दिया। उन्हें सूचित किया गया कि अधिकारियों द्वारा शब-ए-बरात मनाने की अनुमति नहीं दी गई है।
अंजुमन औकाफ ने एक बयान में कहा, "पवित्र अवसर के लिए तैयारियों के बावजूद औकाफ को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परिसर रात भर बंद रहे।" संस्था ने गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि एक बार फिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर जामा मस्जिद में इबादत नहीं की जा सकी।
बयान में कहा गया, "यह 2019 के बाद से चले आ रहे एक पैटर्न का हिस्सा है, जहां इस ऐतिहासिक मस्जिद में प्रमुख धार्मिक सभाओं की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोगों के धार्मिक अधिकारों में स्पष्ट हस्तक्षेप है।"शब-ए-बरात पर जामा मस्जिद को बंद करने के फैसले की मीरवाइज ने कड़ी आलोचना की और जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति के दावों पर सवाल उठाए। मिरवाइज ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि जहां पूरे क्षेत्र की मस्जिदें इस पवित्र रात में जगमगा रही हैं, वहीं श्रीनगर की जामा मस्जिद कड़ी निगरानी में बंद है।
मीरवाइज ने कहा, "एक बार फिर मस्जिद बंद है और मैं घर में नजरबंद हूँ। शब-ए-बरात भी उस लंबी सूची में शामिल हो गई है, जब 2019 के बाद से घाटी की इस सबसे बड़ी मस्जिद में बलपूर्वक इबादत रोकी गई है। कोई कारण नहीं बताया गया, बस ताले लगे गेट और सन्नाटा है।
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