रांची , मई 03 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर चर्चा के लिए समय नहीं दिए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
श्री मरांडी ने आज कहा कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने और प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का आग्रह करना चाहती थी, लेकिन इसके बावजूद समय नहीं दिया गया।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास कर रहे थे। कोशिश थी कि 3 मई को मुलाकात हो जाए, लेकिन लगातार आग्रह के बावजूद न तो समय मिला और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि विषय की जानकारी पहले ही दे दी गई थी, फिर भी मुख्यमंत्री ने इसे प्राथमिकता नहीं दी। ऐसे में पार्टी ने तय किया कि उन्हें पत्र लिखकर अपनी बात से अवगत कराया जाए।
श्री मरांडी ने बताया कि 16, 17 और 18 अप्रैल को केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम सदन में लाया गया था, जिससे देश की आधी आबादी में उत्साह पैदा हुआ। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने पर झारखंड में लोकसभा सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 हो सकती थी, जिसमें 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं। वहीं, विधानसभा सीटें 81 से बढ़कर 121 हो सकती थीं, जिनमें 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं।
श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड की विभिन्न सरकारों द्वारा पहले भी विधानसभा सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। यदि सीटें बढ़तीं तो अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता। मरांडी ने उम्मीद जताई थी कि हेमंत सोरेन इस मुद्दे को समझेंगे और समर्थन करेंगे, लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया।
श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री से मिलकर राज्यपाल की सहमति से विशेष सत्र बुलाने और प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का आग्रह करना चाहती थी, ताकि इस बिल को फिर से लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के साथ-साथ अन्य वर्गों को भी बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की प्रति भी साझा की। इस मौके पर प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।
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