मुंबई , मार्च 25 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया है, ताकि शक्ति अधिनियम के दो मुख्य प्रावधानों को इसमें शामिल किया जा सके।

विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा ने पहले शक्ति अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। उस समय केंद्र ने संकेत दिया था कि तत्कालीन बीएनएस के साथ इस अधिनियम को लागू करने से कानूनी टकराव हो सकता है।

बीएनएस के लागू होने के बाद, जिसमें शक्ति अधिनियम के अधिकांश प्रावधानों को शामिल किया गया था, राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की ताकि उन प्रावधानों की पहचान की जा सके जो केंद्रीय कानून में शामिल नहीं थे। समिति के निष्कर्षों के अनुसार, शक्ति अधिनियम के दो महत्वपूर्ण प्रावधान बीएनएस का हिस्सा नहीं थे। इन्हें अब वर्तमान विधेयक के माध्यम से राज्य-विशिष्ट संशोधनों के रूप में प्रस्तावित किया गया है।

प्रस्तावित परिवर्तनों में से एक तेजाब हमले की पीड़िताओं की पहचान उजागर करने पर रोक लगाकर उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। वर्तमान में, ऐसी सुरक्षा बलात्कार पीड़िताओं को उपलब्ध है और इस संशोधन का उद्देश्य एसिड हमले की पीड़िताओं को भी उसी सुरक्षा के दायरे में लाना है।

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