नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने नीतिगत ब्याज दरों को उनके वर्तमान स्तर पर स्थिर रखने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के बुधवार के निर्णय को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक समझदारी भरा फैसला बताते हुए कहा कि यह बाजार के अनुमानों के अनुरूप है।
श्री सेट्टी ने आरबीआई के नीतिगत निर्णय पर टिप्पणी में कहा, "लगातार बनी हुई वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाए रखने का फ़ैसला एक समझदारी भरा और सोच-समझकर उठाया गया कदम है, जो बाज़ार की उम्मीदों के अनुरूप है।"आईबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत के स्तर पर बनाये रखा है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026- 27 के लिए वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है और महंगाई दर के तय सीमा के भीतर रहने की उम्मीद है, ऐसे में आरबीआई की इस नीति में स्थिरता पर बल है, साथ ही इसमें नीतिगत उपायों के (बाजार में प्रभावी ) संचार और नियामकीय सुधारों को मुख्य औजार के रूप में प्रयोग किया गया है। एसबीआई प्रमुख ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंकों को (खास कर सरकारी प्रतिभूतिभूतियों में निवेश पर लाभ में उतार-चढ़ाव संबंधी आरक्षित कोष' (आईएफआर) की ज़रूरत को खत्म करने और सीआरएआर ( जोखिम भारित संम्पत्तियों के लिए पूंजी के प्रावधान का अनुपात) की गणना के नियमों को आसान बनाने जैसे उपायों से बैंकों की पूंजी स्थिति और मज़बूत होगी, और इससे लगातार आधार पर ऋण वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
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