पिथौरागढ़ , जनवरी 20 -- उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के गैना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को आयोजित 21वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषि एवं पशुपालन विकास पर मंथन के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 मनमोहन सिंह चौहान ने की।

बैठक में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष कुमार भटगांई, पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक , विश्वविद्यालय से पधारे अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र के समस्त वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ तथा जनपद के विभिन्न समरेखीय विभागों-कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता आदि के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारंभ में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी द्वारा पाव विशेष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषक प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों एवं अन्य गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजना को प्रस्तुत किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के समस्त वैज्ञानिकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे अनुसंधान, प्रसार एवं प्रशिक्षण कार्यों पर कुलपति द्वारा गहन समीक्षा की गई। उन्होंने वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि कृषकों की समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से करते हुए सभी रेखीय विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे किसानों तक पहुंच सके।

उन्होंने पशुपालन विशेषज्ञ को निर्देशित किया कि कृषि विज्ञान केंद्र में उदयपुर नस्ल की उन्नत बकरियों को मंगाकर उनके वैज्ञानिक प्रबंधन, नस्ल सुधार एवं प्रसार हेतु विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

इसके अतिरिक्त गृह विज्ञान विशेषज्ञ को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण महिलाओं एवं कृषकों को सोयाबीन पनीर, मंडुआ आधारित लस्सी, दही तथा अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हों तथा स्थानीय स्तर पर पोषण युक्त एवं संतुलित आहार को बढ़ावा मिल सके।

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