चंडीगढ़ , जनवरी 23 -- ) चंडीगढ़ नगर निगम की मेयर हरप्रीत कौर बाबला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वेंडिंग लाइसेंस के बकाया मामलों को लेकर अहम निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद सौरभ जोशी सहित नगर निगम के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इसमें उन स्ट्रीट वेंडरों को राहत देने का फैसला किया गया, जिनके वेंडिंग लाइसेंस बकाया भुगतान न करने के कारण रद्द कर दिए गए थे।
बैठक के दौरान मेयर ने कुल 136 प्रभावित स्ट्रीट वेंडरों की अपीलों पर विचार किया। निर्णय के तहत ऐसे सभी डिफॉल्टर वेंडरों को अपना बकाया भुगतान चुकाने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। नगर निगम ने बकाया राशि जमा करने के लिए तीन महीने की समय-सीमा निर्धारित की है। निर्धारित अवधि के भीतर पूरा भुगतान करने पर संबंधित वेंडरों के वेंडिंग लाइसेंस पुनः बहाल कर दिए जाएंगे।
मेयर हरप्रीत कौर बाबला ने स्पष्ट किया कि जो वेंडर तय समय-सीमा में बकाया भुगतान करने में असफल रहेंगे, उनके वेंडिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे। ऐसे मामलों में आगे किसी प्रकार की छूट या समय-विस्तार नहीं दिया जाएगा।
मेयर ने कहा कि यह निर्णय एक ओर स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका को समर्थन देने की दिशा में कदम है, वहीं दूसरी ओर वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और नागरिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने दोहराया कि बकाया भुगतान न करने वाले वेंडरों के लिए यह अंतिम अवसर है और भविष्य में इस संबंध में कोई और राहत नहीं दी जाएगी।
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