दरभंगा , फरवरी 23 -- वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा, आजीविका के अवसरों तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीविका की ओर से वृद्धजनों के सामाजिक समावेशन एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अब जिले के सभी प्रखंडों में वृद्ध महिला एवं पुरुषों को संगठित कर वृद्धजन स्वयं सहायता समूह का गठन किया जाएगा। वृद्धजन स्वयं सहायता समूह के गठन को लेकर हेल्पेज इंडिया (एनजीओ) के सहयोग से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एक निजी होटल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसमें जिले के सभी 18 प्रखंड से दो-दो जीविका कर्मियों को चयनित कर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
जीविका की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीएम) डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान राज्य कार्यालय एवं हेल्पएज इंडिया के विशेषज्ञों द्वारा वृद्धजन समूह गठन की प्रक्रिया, संचालन व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की रणनीति तथा स्वास्थ्य एवं जागरूकता गतिविधियों के संचालन पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि वृद्धजनों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किस प्रकार संवेदनशील एवं प्रभावी ढंग से कार्य किया जाना चाहिए।
सामाजिक विकास प्रबंधक नरेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के तीन प्रखंडों मनीगाछी, तारडीह एवं घनश्यामपुर में हेल्पएज इंडिया द्वारा वर्ष 2014 से अब तक 90 वृद्धजन समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों ने वृद्धजनों के बीच सामाजिक एकजुटता, पारस्परिक सहयोग और योजना लाभों तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।अब जीविका द्वारा इन समूहों को औपचारिक रूप से अपनाते हुए जिले के सभी प्रखंडों में इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा।
प्रशिक्षण के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को मनीगाछी एवं तारडीह प्रखंडों में क्षेत्र भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने पूर्व से गठित समूहों के साथ बैठक कर उनके कार्य-प्रणाली, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की जानकारी ली।
इस संवाद के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया कि भविष्य में समूहों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु किन संसाधनों एवं सहयोग की आवश्यकता होगी।
प्रशिक्षण दल में हेल्पएज इंडिया से गिरीश चंद्र मिश्रा (मिशन हेड) एवं आलोक कुमार वर्मा (स्टेट हेड) तथा जीविका से गणेश कुमार (राज्य सलाहकार), अभिषेक कुमार (राज्य परियोजना प्रबंधक), नरेश कुमार (प्रबंधक, सामाजिक विकास), राजीव कुमार एवं विजय कुमार मिश्रा शामिल रहे।
सभी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं अनुभव-आधारित जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन जिला परियोजना प्रबंधक डॉ.ऋचा गार्गी ने उपस्थित होकर सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को जमीनी स्तर पर शीघ्र लागू करते हुए वृद्धजन समूह गठन की प्रक्रिया को गति दी जाए।
संचार प्रबंधक राजा सागर ने बताया कि वृद्धजन समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वास्थ्य योजनाओं एवं विभिन्न आजीविका कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य में इस तरह के पहले चरण के प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के बाद अब संबंधित प्रखंडों के कर्मियों एवं कैडरों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित कर व्यापक स्तर पर समूह गठन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। इस पहल से जिले के हजारों वृद्धजनों को सामाजिक पहचान, सुरक्षा एवं आर्थिक सहयोग का नया आधार मिलेगा तथा वे समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ सकेंगे।
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