चेन्नई , अप्रैल 05 -- तमिलनाडु में दलित संगठन 'विदुथलाई चिरुथैगल काची' (वीसीके) के संस्थापक-अध्यक्ष और चिदंबरम से लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन ने 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है।
श्री थिरुमावलवन ने शनिवार शाम पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव मैदान से हटने की घोषणा की। उन्होंने यह कदम द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन की एकता को बनाए रखने और उन बेबुनियाद अफवाहों का शिकार न बनने के उद्देश्य से उठाया, जो कुड्डालोर जिले के कट्टुमन्नारकोइल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के उनके फैसले के बाद फैलाई जा रही थीं। गौरतलब है कि उनकी पार्टी बहु-दलीय द्रमुक-नेतृत्व वाले 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) की एक प्रमुख सहयोगी है।
श्री थिरुमावलवन ने कट्टुमन्नारकोइल सीट के लिए उम्मीदवार के तौर पर श्री जोथिमणि के नाम की भी घोषणा की। श्री जोथिमणि कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के दिवंगत अध्यक्ष एल. इलयपेरुमल के पुत्र हैं। थिरुमावलवन ने सामाजिक कार्यों में वर्षों से दिए गए उनके योगदान को देखते हुए यह निर्णय लिया।
श्री थिरुमावलवन ने उन व्यापक अफवाहों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने शुरू में विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना इसलिए बनाई थी ताकि वे उपमुख्यमंत्री पद पर नजर रख सकें या फिर 'त्रिशंकु विधानसभा' की स्थिति में गठबंधन सरकार बनाने के लिए दबाव डाल सकें। उन्होंने ऐसे झूठे दावों को गठबंधन को कमजोर करने का एक प्रयास करार दिया है।
श्री थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी सत्ता के लिए होड़ नहीं की और इस विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के रुख के बावजूद उन्होंने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग करने से खुद को दूर रखा है ताकि किसी भी तरह के मनमुटाव या टकराव से बचा जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित