जयपुर , फरवरी 02 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने कथित 'वीआईपी नंबर घोटाले' में परिवहन विभाग द्वारा जारी उन आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिनके आधार पर राज्य में अधिकारियों, कर्मचारियों और वाहन मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।

न्यायमूर्ति फरजंद अली की एकलपीठ ने जोधपुर और पाली के पूर्व जिला परिवहन अधिकारियों सहित कुल 17 याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सोमवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने राज्य सरकार, गृह सचिव, प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन आयुक्त और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करके चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

उन्होंने परिवहन विभाग के 20 नवंबर 2025 और नौ दिसंबर 2025 के उन आदेशों पर अंतरिम रोक लगाई है, जिनमें कथित अनियमितताओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने और कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इन आदेशों के आधार पर कोई प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, तो अगली सुनवाई तक उस पर भी आगे की कार्रवाई स्थगित रहेगी और किसी प्रकार का दमनात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।

मामले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन आदेशों के चलते बड़ी संख्या में पूर्व और वर्तमान अधिकारियों-कर्मचारियों पर आपराधिक मामले दर्ज कराने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

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