लखनऊ , जनवरी 16 -- किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (अवध प्रान्त) ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिषद ने विश्वविद्यालय में नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और कथित गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए एसटीएफ अथवा प्रदेश सरकार की किसी जांच एजेंसी से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
परिषद द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि केजीएमयू से जुड़े कुछ मुद्दे पहले भी उजागर किए गए थे और अब पुनः सामने आ रहे तथ्यों को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई जरूरी है। पत्र में परिषद ने दावा किया है कि सैय्यद अकबर अब्बास नामक व्यक्ति को रिटायरमेंट के बाद भी विश्वविद्यालय में दायित्व दिए जाने को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। परिषद ने मांग की है कि उक्त व्यक्ति को कुलपति कार्यालय से जुड़े ओएसडी पद से हटाया जाए तथा उनके संबंध में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाए।
ज्ञापन में परिषद ने केजीएमयू से जुड़े एक कथित लव जिहाद प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए कहा है कि पीड़ित पक्ष द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन या अन्य अधिकारी/कर्मचारी से संपर्क किए जाने के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास हुआ। परिषद ने मांग की है कि यह भी जांचा जाए कि मामले को दबाने की कोशिश किसके द्वारा और किन परिस्थितियों में की गई तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
ज्ञापन में परिषद ने केजीएमयू में 2021 से 2025 के बीच हुई नियमित, एडहॉक, नर्सिंग सहित अन्य नियुक्तियों की भी जांच कराने की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में वायरल हो रहे एक चित्र का हवाला देते हुए परिषद ने दावा किया है कि कुलपति कार्यालय के बाहर एक विशेष वर्ग द्वारा धार्मिक वेशभूषा में गतिविधियां दिखाई गईं, जिसकी अनुमति को भी अनुचित बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
परिषद ने ज्ञापन के अंत में कहा है कि उपरोक्त बिंदुओं पर अतिशीघ्र उचित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ज्ञापन की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।
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