प्रयागराज , मार्च 07 -- संगम नगरी प्रयागराज में विश्व कल्याण और शांति की कामना के साथ श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के महंत बलवीर गिरी महाराज ने शनिवार से पांच दिवसीय विशेष वैदिक अनुष्ठान की शुरुआत की। यह अनुष्ठान लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुआ, जहां उत्तर और दक्षिण भारत के विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेद-विधि से पूजन किया जा रहा है।

अनुष्ठान के पहले दिन श्री बड़े हनुमान मंदिर में 'अष्टद्रव्य गणपति हवन' संपन्न हुआ। महंत बलवीर गिरी ने कई किलो घी, मोदक और विशेष औषधियों के साथ आहुतियां दीं। इस दौरान शुलीनी दुर्गे यंत्र पूजन, रुद्र हवन, तक्षक यंत्र पूजन, महासुदर्शन यंत्र पूजन और हनुमान मूल मंत्र का जप भी किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना और अभिषेक की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

महंत बलवीर गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई देश युद्ध और अशांति की स्थिति से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान जी और गणपति जी से प्रार्थना है कि पूरी दुनिया में शांति स्थापित हो और मानवता का कल्याण हो। भारत हमेशा से 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना के साथ विश्व शांति का अग्रदूत रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पांच दिवसीय विशेष अनुष्ठान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में दो दिन श्री बड़े हनुमान मंदिर प्रयागराज में पूजन होगा। दूसरे चरण में दो दिन श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में अनुष्ठान किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में एक दिवसीय विशेष अनुष्ठान पावन तीर्थ नैमिषारण्य (सीतापुर) में संपन्न होगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और विश्व शांति के लिए आयोजित इस महायज्ञ में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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