पटना , दिसंबर 31 -- बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने विभाग की उपलब्धियों और भावी कार्य योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बुधवार को कहा कि वरिष्ठ और उपेक्षित कलाकारों के लिए 'मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना' के साथ अब विलुप्त कलाओं को संरक्षित करने तथा उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना की शुरुआत की जा रही है।

श्री कुमार ने आज कहा कि बिहार सरकार का कला और संस्कृति विभाग प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और इसके विकास के लिए लगातार प्रयत्नशील है और इसी के संदर्भ में कई पुरानी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कला और संस्कृति के क्षेत्र में जीवन भर योगदान देने वाले वरिष्ठ उपेक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए पहले से ही 3000 रुपए मासिक की 'मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना' चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पटना, सारण, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, बांका, भोजपुर, अररिया, जहानाबाद और किशनगंज के 85 कलाकारों का चयन इस योजना के लिए किया जा चुका है।

कला एव संस्कृति विभाग के सचिव ने कहा कि विलुप्त कलाओं को संरक्षित करने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विभाग ने 'मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना' की शुरुआत की है, जिसके तहत अनुभवी कलाकारों को गुरु का दर्जा दे कर उनसे युवा कलाकारों को पारंपरिक लोक कला, संगीत, नृत्य और वादन का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक 233 आवेदन प्राप्त भी हो चुके हैं।

सचिव श्री कुमार ने बताया कि सांस्कृतिक विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से और सांस्कृतिक गतिविधियों को जिला स्तर पर बढ़ावा देने के लिए 'अटल कला भवन निर्माण योजना' शुरू की गई है, जिसके तहत 620 दर्शकों की क्षमता वाला अटल भवन सभी जिलों में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारण, गया, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, मुंगेर और दरभंगा में निर्माण कार्य पूरा हो गया है तथा नवादा, शेखपुरा, अरवल, बक्सर, कैमूर, सिवान और अररिया में निर्माण कार्य चल रहा है।

सचिव ने बताया कि प्रदेश में कलाकारों का मनोबल बढ़ाने के लिए तीन वर्षों से लंबित 'बिहार कला सम्मान' को पुनः शुरू करते हुए 52 कलाकारों के बीच 27 लाख की राशि वितरित की गयी है।उन्होंने कहा कि कलाकारों की समुचित जानकारी के लिए एक कलाकार पंजीकरण पोर्टल बनाया गया है, जिस पर अभी तक 3800 कलाकारों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि कला क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 20 मेघावी कलाकारों को 13.53 लाख की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित