सागर , जनवरी 15 -- मध्यप्रदेश में सागर जिले के बीना स्थित ऐरण को विश्व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र समृद्ध बनेगा। विरासत से विकास की यह उड़ान ऐरण महोत्सव के माध्यम से शुरू होगी। यह बात उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बीना में आयोजित तीन दिवसीय ऐरण महोत्सव के अवसर पर कही।

प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि निकट भविष्य में ऐरण एक प्रमुख विश्व पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां बड़ी संख्या में देश-विदेश के सैलानी आएंगे। बीना नदी के तट पर स्थित होने के कारण यह स्थल और भी मनोरम बनता है। उन्होंने कहा कि यहां स्थित भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा यह दर्शाती है कि सैकड़ों-हजारों वर्ष पूर्व के कलाकार कितने कुशल और दक्ष थे, जिन्होंने उत्कृष्ट नक्काशी के माध्यम से इन मूर्तियों का निर्माण किया। ऐरण महोत्सव इतिहास और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ने का कार्य करेगा।

बीना विधायक श्रीमती निर्मला स्प्रे ने कहा कि ऐरण महोत्सव बीना, बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के गौरव का प्रतीक है। यह एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, जिसने सागर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया वादा आज पूरा हुआ है। ऐरण बुंदेलखंड ही नहीं बल्कि विश्व की धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐरण क्षेत्र में यदि कोई प्राचीन मूर्ति या अवशेष मिले तो उसे पुरातत्व विभाग को सौंपें।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ऐरण में बीना नदी के तट पर गंगा आरती भी की। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती निर्मला स्प्रे, श्याम तिवारी, गौरव सिरोठिया, अरुणोदय चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

ऐरण महोत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. मोहन चढ़ार एवं डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. नागेश दुबे को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में 1700 वर्ष पुराने ऐरण के भगवान विष्णु मंदिर और उनके विभिन्न अवतारों के संबंध में पुरातत्व विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

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