राजस्थान विराट महोत्सवउदयपुर में नौ दिवसीय विश्व विराट धार्मिक महामहोत्सव का शुभारंभउदयपुर , दिसम्बर 28 -- राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर में आध्यात्मिक संस्कृति और शक्ति से ओतप्रोत तप विश्व विराट धार्मिक महोत्सव का रविवार को शुभारंभ ढोल, नगाड़ों, शंख ध्वनि की गूंज के साथ हुआ।

कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु वसंत विजयानन्द गिरी महाराज के सान्निध्य में यह अद्वितीय दुर्लभ महोत्सव पांच जनवरी तक चलेगा।

महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष नानालाल बया, महामंत्री देवेन्द्र मेहता ने बताया कि रविवार सुबह शुभारंभ के प्रथम सत्र में साधना की गई। पहले ही दिन साधना पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया।

दोपहर में श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ पूजा विधान का आरंभ श्री गणेश आराधना से किया गया। इस महायज्ञ में 21 हवन कुंडों में काशी के 135 विद्वानों के द्वारा गुरुदेव के मार्गदर्शन में विधिपूर्वक आहुतियां दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि यह एकमात्र ऐसा यज्ञ है जिसमें हजारों किलो सभी प्रकार के मेवे, चंदन लकड़ियों, दुर्लभ जड़ी बूटियों, औषधियों, मिष्ठान्न, गाय के शुद्ध देसी घी की लाखों आहुतियां प्रतिदिन होंगी। यज्ञ में एक करोड़ कुंकुमार्चन से 1008 समृद्धि कलश सिद्ध किये जा रहे हैं। यज्ञ करीब चार घंटे चला, जिसमें श्रद्धालुओं को कई चमत्कारिक अनुभव हुए जिन्हें श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक रूप से साझा भी किया।

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच सहित भाजपा अन्य पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक, व्यवसायी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी गुरुदेव का आशीर्वाद लेकर महोत्सव में सहभागिता की।

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