मुंबई , मार्च 12 -- महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने सुबह के सत्र के बाद विधानसभा की कार्यवाही से नदारद रहने पर पार्टी के मंत्रियों और विधायकों की खिंचाई की है।
श्री चव्हाण ने उन्हें चेतावनी दी है कि वे विपक्ष को हल्के में न लें। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को सदन में मौजूद रहकर अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि अगर मंत्री और विधायक कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें लिखित में सफाई देनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि भाजपा के कई मंत्री और विधायक अपराह्न के सत्र के दौरान सदन अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद, श्री चव्हाण ने पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की एक बैठक बुलाई, जहाँ उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही में उनकी उपस्थिति और भागीदारी की समीक्षा की।
श्री चव्हाण ने कहा कि सभी मंत्रियों और विधायकों को सत्र की शुरुआत से अंत तक सदन में मौजूद रहना होगा। अगर उन्हें किसी ज़रूरी बैठक या किसी अन्य ज़रूरी कारण से अनुपस्थित रहना पड़ता है, तो उन्हें पहले से लिखित में सूचना देनी होगी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के विरूद्ध संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल कार्रवाई कर सकते हैं, जबकि विधायकों पर पार्टी का प्रदेश नेतृत्व अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।
विधायकों के प्रदर्शन पर नज़र रखने के लिए, पाँच विधायकों का एक समूह बनाया गया है। हर समूह में एक विधायक बाकी चार सदस्यों के सह-भागिता की जांच करने और राज्य नेतृत्व रिपोर्ट देने के लिए ज़िम्मेदार होगा।
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