जयपुर , जनवरी 15 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के अंतिम दिन कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटने का दबाव डालने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष के पास सरकार के ख़िलाफ़ कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह भ्रामक एवं झूठा प्रचार कर रहे है।

श्री राठौड़ ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि उनको को यह पता नहीं हैं कि एसआईआर प्रक्रिया न तो सरकार करती है न हीं कोई पार्टी करती है। यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है फिर क्यों बिना बात का भ्रम फैला रहे हैं। विपक्ष के पास सरकार के ख़िलाफ़ कोई मुद्दा नहीं है इसलिए भ्रामक एवं झूठा प्रचार करने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री गहलोत चूकते नहीं है।

इसी तरह श्री गोदारा ने अपने बयान में कहा कि श्री गहलोत आज कल बयान ही देते हैं और उन्होंने एसआईआर को लेकर कुछ सवाल खड़े किए है और पूरी कांग्रेस कि यही परंपरा रही है कि इस तरह के विषयों पर ध्यान भटकाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि वह यह पूछना चाहते है कि पूरे देश में आज़ाद होने के बाद 11 बार एसआईआर हुई जिसमें 10 बार कांग्रेस शासन के कार्यकाल में हुई ,उस समय जब कांग्रेस के नेता आरोप लगाते रहे तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है। आज आप आक्षेप लगा रहे हो कि अधिकारी दबाव बना रहे जबकि यह कार्य भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है जो एक इंडिपेंडेंट संवैधानिक संस्था है तो कहां से अधिकारी प्रभावित होंगे।

उन्होंने श्री गहलोत से आग्रह किया कि वह 15 साल राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं और उन्हें संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए लेकिन वह इस तरह का आरोप लगाकर जनता में भ्रम पैदा करते हैं और इनकी स्थिति यह ही है कि जनता में भ्रम पैदा करे। इसलिए जनता को कांग्रेस ने पूरे भारत में नकार दिया है।

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