पटना , फरवरी 09 -- बिहार विधान परिषद के भोजनावकाश के पूर्व की बैठक विपक्ष के विधि- व्यवस्था को लेकर किये गये हंगामे के कारण 15 मिनट के अंदर ही स्थगित कर दी गयी।

सदन की बैठक शुरू होते ही मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दरभंगा की एक गंभीर आपराधिक घटना का उल्लेख करते हुये कहा कि सरकार को इसपर जवाब देना चाहिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं सदन में मौजूद हैं और दरभंगा में हुई घटना को लेकर सरकार को संवेदनशील होना चाहिये। इसके बाद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों के समीप ही खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। श्री सिद्दीकी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सकारात्मक जवाब दें तो विपक्ष शांत होकर बैठने को तैयार है।

परिषद के उप- सभापति डॉ राम बचन राय ने विपक्षी सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुये कहा कि प्रश्नकाल का सीधा संबंध जनता से है, इसे बाधित न करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर शून्यकाल में चर्चा कराई जायेगी, बिना आसन की अनुमति के सदन में कोई मुद्दा नहीं उठाया जा सकता है।

इसके बावजूद विपक्षी सदस्य सदन के बीच आकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान राजद के सुनील कुमार सिंह और भाकपा- माले की शशि यादव समेत अन्य सदस्य भी सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। शोर- शराबे के बीच कुछ अल्पसूचित प्रश्नों के उत्तर संबंधित मंत्रियों ने दिये।

लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुये और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार को उत्तर देने से रोकते हुये कहा कि राजद सरकार के कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लगातार जनता के हित में कार्य कर रही है और बिहार लगातार प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

इस दौरान विपक्ष की नेत्री राबड़ी देवी गृह मंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग लगातार करती रहीं, जिस पर मुख्यमंत्री श्री कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। उप- सभापति ने बार- बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ, अंततः उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिये स्थगित कर दी।

हंगामे के बावजूद प्रश्नकाल में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के संजीव कुमार सिंह ने भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच-80 पर अतिक्रमण से संबंधित सवाल किया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण के कारण रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। इस पर पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर सकारात्मक समाधान निकाला जायेगा, जिससे आम लोगों को परेशानी न हो।

वहीं जदयू के नीरज कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब दिया कि खराब सोलर स्ट्रीट लाइट समय पर ठीक नहीं होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अब तक एजेंसियों पर करीब एक करोड़, 39 लाख रुपये का दंड लगाया जा चुका है।

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